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mahabharat 7.186.36-37h: क्षत्रिय मर्दन द्रोणाचार्य ने अपने बाणों से उस बाण-वर्षा को नष्ट कर दिया तथा विराट और द्रुपद दोनों को ढक दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध  »  श्लोक 36-37h
 
 
श्लोक  7.186.36-37h 
तं निहत्येषुवर्षं तु द्रोण: क्षत्रियमर्दन:॥ ३६॥
तौ शरैश्छादयामास विराटद्रुपदावुभौ।
 
 
अनुवाद
क्षत्रिय मर्दन द्रोणाचार्य ने अपने बाणों से उस बाण-वर्षा को नष्ट कर दिया तथा विराट और द्रुपद दोनों को ढक दिया।
 
Kshatriyamardana Dronacharya destroyed that shower of arrows with his arrows and covered both Virata and Drupada. 36 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)