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mahabharat 7.186.29-30h: कुछ लोग अपने हथियार फेंकने लगे और धनुष की डोरी खींचने लगे। अन्य योद्धा अपनी भुजाएँ रगड़ने लगे और अनेक महारथी प्राणों का मोह त्यागकर द्रोणाचार्य पर टूट पड़े।   |   mahabharat अध्याय 7.186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध  »  श्लोक 29-30h
 
 
श्लोक  7.186.29-30h 
व्याक्षिपन्नायुधान्यन्ये ममृदुश्चापरे भुजान्॥ २९॥
अन्ये चान्वपतन् द्रोणं त्यक्तात्मानो महौजस:।
 
 
अनुवाद
कुछ लोग अपने हथियार फेंकने लगे और धनुष की डोरी खींचने लगे। अन्य योद्धा अपनी भुजाएँ रगड़ने लगे और अनेक महारथी प्राणों का मोह त्यागकर द्रोणाचार्य पर टूट पड़े।
 
Some people started throwing their weapons and pulling the bowstring. Other warriors started rubbing their arms and many other great warriors, giving up their attachment to life, attacked Dronacharya.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)