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mahabharat 7.186.28-29h: कुछ राजा अपने हाथ मलने लगे, और कुछ क्रोध से भरकर अपने होंठ काटने लगे।   |   mahabharat अध्याय 7.186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध  »  श्लोक 28-29h
 
 
श्लोक  7.186.28-29h 
हस्तैर्हस्ताग्रमपरे प्रत्यपिंषन् नराधिपा:॥ २८॥
अपरे दशनैरोष्ठानदशन् क्रोधमूर्च्छिता:।
 
 
अनुवाद
कुछ राजा अपने हाथ मलने लगे, और कुछ क्रोध से भरकर अपने होंठ काटने लगे।
 
Some kings began rubbing their hands. Some, overcome with anger, began biting their lips. 28 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)