Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.186.18-19h: उस स्थिति में न आकाश, न पृथ्वी, न दिशाएँ दिखाई दे रही थीं। वहाँ सब कुछ अंधकारमय हो गया था, सेना द्वारा उड़ाई गई धूल से ढंका हुआ था। | mahabharat अध्याय 7.186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस स्थिति में न आकाश, न पृथ्वी, न दिशाएँ दिखाई दे रही थीं। वहाँ सब कुछ अंधकारमय हो गया था, सेना द्वारा उड़ाई गई धूल से ढंका हुआ था।
In that situation, neither the sky nor the earth nor the directions could be seen. Everything there had become dark, covered with the dust raised by the army. 18 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥