Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.186.10: यदि यह अवसर आने पर भी आप अपने पक्ष के हित के लिए कार्य नहीं करेंगे तो आपसे जो वीरता और साहस अपेक्षित है उसके विपरीत आप साहसहीन माने जायेंगे और उस स्थिति में आप हमारे प्रति अत्यंत क्रूरतापूर्ण व्यवहार करने वाले सिद्ध होंगे। | mahabharat अध्याय 7.186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अस्मिंश्चेदागते काले श्रेयो न प्रतिपत्स्यसे।
असम्भावितरूपस्त्वं सुनृशंसं करिष्यसि॥ १०॥
अनुवाद
यदि यह अवसर आने पर भी आप अपने पक्ष के हित के लिए कार्य नहीं करेंगे तो आपसे जो वीरता और साहस अपेक्षित है उसके विपरीत आप साहसहीन माने जायेंगे और उस स्थिति में आप हमारे प्रति अत्यंत क्रूरतापूर्ण व्यवहार करने वाले सिद्ध होंगे।
If, even after this opportunity comes, you do not work for the welfare of your side, then, contrary to the valour and courage that is expected from you, you will be considered to be bereft of courage and in that condition, you will be proved to be the one who will behave extremely cruelly towards us.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥