श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 184: निद्रासे व्याकुल हुए उभयपक्षके सैनिकोंका अर्जुनके कहनेसे सो जाना और चन्द्रोदयके बाद पुन: उठकर युद्धमें लग जाना  »  श्लोक 55
 
 
श्लोक  7.184.55 
यथा चन्द्रोदयोद्भूत: क्षुभित: सागरोऽभवत्।
तथा चन्द्रोदयोद्‍धूत: स बभूव बलार्णव:॥ ५५॥
 
 
अनुवाद
जैसे पूर्ण चन्द्रमा के उदय होने से उससे प्रभावित समुद्र में ज्वार-भाटा उत्पन्न हो जाता है, उसी प्रकार उस समय चन्द्रमा के उदय होने से सेनाओं वाले उस सम्पूर्ण समुद्र में हलचल मच गई ॥55॥
 
Just as the rising of the full moon causes the tide to rise in the ocean affected by it, similarly, the rising of the moon at that time caused a commotion in that entire sea of ​​armies. ॥ 55॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)