Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.184.34: भरत! विश्राम का अवसर पाकर आपकी सेना प्रसन्न हुई और वीर अर्जुन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए बोली -॥34॥   |   mahabharat अध्याय 7.184: निद्रासे व्याकुल हुए उभयपक्षके सैनिकोंका अर्जुनके कहनेसे सो जाना और चन्द्रोदयके बाद पुन: उठकर युद्धमें लग जाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 184: निद्रासे व्याकुल हुए उभयपक्षके सैनिकोंका अर्जुनके कहनेसे सो जाना और चन्द्रोदयके बाद पुन: उठकर युद्धमें लग जाना  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  7.184.34 
सा तु सम्प्राप्य विश्रामं ध्वजिनी तव भारत।
सुखमाप्तवती वीरमर्जुनं प्रत्यपूजयत्॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
भरत! विश्राम का अवसर पाकर आपकी सेना प्रसन्न हुई और वीर अर्जुन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए बोली -॥34॥
 
Bharata! Your army started feeling happy after getting the opportunity to rest. It praised the brave Arjun profusely and said -॥ 34॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)