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श्री महाभारत
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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 184: निद्रासे व्याकुल हुए उभयपक्षके सैनिकोंका अर्जुनके कहनेसे सो जाना और चन्द्रोदयके बाद पुन: उठकर युद्धमें लग जाना
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श्लोक 31
श्लोक
7.184.31
तथा विक्रोशमानस्य फाल्गुनस्य ततस्तत:।
उपारमत पाण्डूनां सेना तव च भारत॥ ३१॥
अनुवाद
हे भारत! जब अर्जुन ने सब ओर ऊंचे शब्द से यह प्रस्ताव रखा, तब आपकी सेना सहित पाण्डव सेना भी युद्ध से हट गई।
Bhaarat! When Arjuna made the above proposal in a loud voice everywhere, then the Pandava army as well as yours retired from the battle.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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