Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.184.30: कौरव सैनिक ऊँचे स्वर में चिल्लाकर कहने लगे, "हे कर्ण! हे कर्ण! हे राजा दुर्योधन!" और कहने लगे, "आप सब लोग युद्ध बंद कर दीजिए, क्योंकि पाण्डव सेना युद्ध से विरत हो गई है।" ॥30॥   |   mahabharat अध्याय 7.184: निद्रासे व्याकुल हुए उभयपक्षके सैनिकोंका अर्जुनके कहनेसे सो जाना और चन्द्रोदयके बाद पुन: उठकर युद्धमें लग जाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 184: निद्रासे व्याकुल हुए उभयपक्षके सैनिकोंका अर्जुनके कहनेसे सो जाना और चन्द्रोदयके बाद पुन: उठकर युद्धमें लग जाना  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  7.184.30 
चुक्रुशु: कर्ण कर्णेति तथा दुर्योधनेति च।
उपारमत पाण्डूनां विरता हि वरूथिनी॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
कौरव सैनिक ऊँचे स्वर में चिल्लाकर कहने लगे, "हे कर्ण! हे कर्ण! हे राजा दुर्योधन!" और कहने लगे, "आप सब लोग युद्ध बंद कर दीजिए, क्योंकि पाण्डव सेना युद्ध से विरत हो गई है।" ॥30॥
 
The Kaurava soldiers shouted in a loud voice, "O Karna! O Karna! O King Duryodhana!" and said, "You all should stop the war, because the Pandava army has abstained from fighting." ॥ 30॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)