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mahabharat 7.184.11-12h: उस समय राजा दुर्योधन अत्यंत क्रोधित होकर द्रोणाचार्य के प्राण बचाने की इच्छा से पूरी शक्ति से पाण्डवों पर आक्रमण करने लगा।   |   mahabharat अध्याय 7.184: निद्रासे व्याकुल हुए उभयपक्षके सैनिकोंका अर्जुनके कहनेसे सो जाना और चन्द्रोदयके बाद पुन: उठकर युद्धमें लग जाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 184: निद्रासे व्याकुल हुए उभयपक्षके सैनिकोंका अर्जुनके कहनेसे सो जाना और चन्द्रोदयके बाद पुन: उठकर युद्धमें लग जाना  »  श्लोक 11-12h
 
 
श्लोक  7.184.11-12h 
ततो दुर्योधनो राजा सर्वोद्योगेन पाण्डवान्॥ ११॥
अभ्यद्रवत् सुसंक्रुद्ध इच्छन् द्रोणस्य जीवितम्।
 
 
अनुवाद
उस समय राजा दुर्योधन अत्यंत क्रोधित होकर द्रोणाचार्य के प्राण बचाने की इच्छा से पूरी शक्ति से पाण्डवों पर आक्रमण करने लगा।
 
At that time King Duryodhana, extremely enraged, wanting to save the life of Dronacharya, attacked the Pandavas with all his might. 11 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)