श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 182: कर्णने अर्जुनपर शक्ति क्यों नहीं छोड़ी, इसके उत्तरमें संजयका धृतराष्ट्रसे और श्रीकृष्णका सात्यकिसे रहस्ययुक्त कथन  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  7.182.8 
यथा वराहस्य शुनश्च युध्यतो-
स्तयोरभावे श्वपचस्य लाभ:।
मन्ये विद्वन् वासुदेवस्य तद्वद्
युद्धे लाभ: कर्णहैडिम्बयोर्वै॥ ८॥
 
 
अनुवाद
विद्वान्! जैसे सूअर और कुत्ते आपस में लड़ते हैं, तो उनमें से किसी एक के मरने पर चाण्डाल को लाभ मिलता है, उसी प्रकार कर्ण और घटोत्कच के युद्ध में भी लाभ पाने वाले वासुदेवनन्दन श्रीकृष्ण ही हैं, ऐसा मेरा विश्वास है। 8॥
 
Scholar! Just as when a pig and a dog fight with each other, if either of them dies, the Chandal gets the benefit, in the same way, I believe that Vasudevanandan Shri Krishna is the one who gets the benefit in the fight between Karna and Ghatotkacha. 8॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas