श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 182: कर्णने अर्जुनपर शक्ति क्यों नहीं छोड़ी, इसके उत्तरमें संजयका धृतराष्ट्रसे और श्रीकृष्णका सात्यकिसे रहस्ययुक्त कथन  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  7.182.4 
ततो द्वैरथमानीय फाल्गुनं शक्रदत्तया।
जघान न वृष: कस्मात् तन्ममाचक्ष्व संजय॥ ४॥
 
 
अनुवाद
संजय! इस प्रकार अर्जुन को युद्धभूमि में लाकर धर्मात्मा कर्ण ने इन्द्र द्वारा दी गई शक्ति से उसे क्यों नहीं मारा? यह बताओ।
 
Sanjaya! Having brought Arjuna to the battle field in this manner, why did the righteous Karna not kill him with the power given to him by Indra? Tell me this.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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