श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 182: कर्णने अर्जुनपर शक्ति क्यों नहीं छोड़ी, इसके उत्तरमें संजयका धृतराष्ट्रसे और श्रीकृष्णका सात्यकिसे रहस्ययुक्त कथन  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  7.182.22 
अथवा निहते पार्थे पाण्डवान्यतमं तत:।
स्थापयेद् यदि वार्ष्णेयस्तस्मात्कृष्णो हि हन्यताम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
यदि तुम सोचते हो कि अर्जुन के मारे जाने पर भगवान श्रीकृष्ण किसी अन्य पाण्डव को युद्ध के लिए खड़ा करेंगे, तो तुम स्वयं भगवान श्रीकृष्ण को मार डालो॥ 22॥
 
If you think that after Arjuna is killed, Lord Krishna will field another Pandava for the war, then kill Lord Krishna himself.॥ 22॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas