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mahabharat 7.181.30-31h: तुम्हें वैकर्तन कर्ण की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हें एक उपाय बताता हूँ जिससे तुम उसका सामना कर सकोगे। 30 1/2   |   mahabharat अध्याय 7.181: भगवान् श्रीकृष्णका अर्जुनको जरासंध आदि धर्मद्रोहियोंके वध करनेका कारण बताना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 181: भगवान् श्रीकृष्णका अर्जुनको जरासंध आदि धर्मद्रोहियोंके वध करनेका कारण बताना  »  श्लोक 30-31h
 
 
श्लोक  7.181.30-31h 
न विषादस्त्वया कार्य: कर्णं वैकर्तनं प्रति॥ ३०॥
उपदेक्ष्याम्युपायं ते येन तं प्रसहिष्यसि।
 
 
अनुवाद
तुम्हें वैकर्तन कर्ण की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हें एक उपाय बताता हूँ जिससे तुम उसका सामना कर सकोगे। 30 1/2
 
You need not worry about Vaikartana Karna. I will tell you a way by which you will be able to face him. 30 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)