Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.181.22-23h: यहाँ तक कि वह समस्त देवताओं और दानवों द्वारा भी युद्ध में पराजित नहीं हो सका। हे बाघ! समस्त लोकों के कल्याण के लिए तथा शिशुपाल आदि देवताओं के द्रोही देवताओं का वध करने के लिए मैंने तुम्हारे साथ इस लोक में अवतार लिया है।   |   mahabharat अध्याय 7.181: भगवान् श्रीकृष्णका अर्जुनको जरासंध आदि धर्मद्रोहियोंके वध करनेका कारण बताना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 181: भगवान् श्रीकृष्णका अर्जुनको जरासंध आदि धर्मद्रोहियोंके वध करनेका कारण बताना  »  श्लोक 22-23h
 
 
श्लोक  7.181.22-23h 
स चाप्यशक्य: संग्रामे जेतुं सर्वसुरासुरै:।
वधार्थं तस्य जातोऽहमन्येषां च सुरद्विषाम्॥ २२॥
त्वत्सहायो नरव्याघ्र लोकानां हितकाम्यया।
 
 
अनुवाद
यहाँ तक कि वह समस्त देवताओं और दानवों द्वारा भी युद्ध में पराजित नहीं हो सका। हे बाघ! समस्त लोकों के कल्याण के लिए तथा शिशुपाल आदि देवताओं के द्रोही देवताओं का वध करने के लिए मैंने तुम्हारे साथ इस लोक में अवतार लिया है।
 
Even he could not be defeated by all the gods and demons in the battle. Tiger! I have incarnated in this world with you for the welfare of all the worlds and to kill Shishupal and other traitors of the gods. 22 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)