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mahabharat 7.181.13: उसका आधा शरीर दो भिन्न माताओं के गर्भ से उत्पन्न हुआ था। जरा ने उसे आपस में जोड़ दिया था, इसीलिए उसका नाम जरासंध पड़ा॥13॥   |   mahabharat अध्याय 7.181: भगवान् श्रीकृष्णका अर्जुनको जरासंध आदि धर्मद्रोहियोंके वध करनेका कारण बताना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 181: भगवान् श्रीकृष्णका अर्जुनको जरासंध आदि धर्मद्रोहियोंके वध करनेका कारण बताना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  7.181.13 
द्वाभ्यां जातो हि मातृभ्यामर्धदेह: पृथक् पृथक्।
जरया संधितो यस्माज्जरासंधस्ततोऽभवत्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
उसका आधा शरीर दो भिन्न माताओं के गर्भ से उत्पन्न हुआ था। जरा ने उसे आपस में जोड़ दिया था, इसीलिए उसका नाम जरासंध पड़ा॥13॥
 
His half body was born from the womb of two different mothers. Jara had joined him together; that is why his name was Jarasandh.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)