श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 18: संशप्तक-सेनाओंके साथ अर्जुनका युद्ध और सुधन्वाका वध  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  7.18.2 
ते किरीटिनमायान्तं दृष्ट्वा हर्षेण मारिष।
उदक्रोशन् नरव्याघ्रा: शब्देन महता तदा॥ २॥
 
 
अनुवाद
आर्य! किरीटधारी अर्जुन को आते देख पुरुषसिंह संशप्तक हर्ष से जोर से गर्जना करने लगा।
 
Arya! On seeing the crown-wearing Arjuna coming, the Purushsingha Samshaptaka started roaring loudly in joy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)