श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 179: घटोत्कचका घोर युद्ध तथा कर्णके द्वारा चलायी हुई इन्द्रप्रदत्त शक्तिसे उसका वध  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  7.179.5 
तत: परमनाराचैर्युधामन्यूत्तमौजसौ।
सात्यकिं च रथोदारं कम्पयामास मार्गणै:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् उन्होंने उत्तम बाणों से युधिष्ठिर और उत्तमौजाक को तथा दानवीर सात्यकि को अनेक बाणों से स्तब्ध कर दिया।
 
Thereafter he shook Yudhishthira and Uttamaujaka with excellent arrows and the generous warrior Satyaki with many arrows.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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