श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 179: घटोत्कचका घोर युद्ध तथा कर्णके द्वारा चलायी हुई इन्द्रप्रदत्त शक्तिसे उसका वध  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  7.179.17 
अतीव तच्चित्रमतुल्यरूपं
बभूव युद्धं रविभीमसून्वो:।
समाकुलं शस्त्रनिपातघोरं
दिवीव राह्वंशुमतो: प्रमत्तम्॥ १७॥
 
 
अनुवाद
सूर्यपुत्र कर्ण और भीमपुत्र घटोत्कच का वह विचित्र और भयंकर युद्ध आकाश में राहु और सूर्य के मध्य होने वाले उन्मत्त युद्ध के समान प्रतीत हो रहा था। उसकी कोई तुलना नहीं थी। अस्त्र-शस्त्रों के प्रहार से वह युद्ध अत्यंत भयानक प्रतीत हो रहा था।
 
That very strange and fierce battle between Suryaputra Karna and Bhima's son Ghatotkacha appeared like a mad battle between Rahu and Surya in the sky. It had no comparison. It appeared very terrifying due to the attack of weapons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)