श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 178: दोनों सेनाओंमें परस्पर घोर युद्ध और घटोत्कचके द्वारा अलायुधका वध एवं दुर्योधनका पश्चात्ताप  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  7.178.33 
हतं दृष्ट्वा महाकायं वकज्ञातिमरिंदमम्।
पञ्चाला: पाण्डवाश्चैव सिंहनादान् विनेदिरे॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
बकासुर के विशाल भाई शत्रुदमन अलायुध को मारा गया देखकर पांचाल और पांडव दहाड़ने लगे।
 
Seeing Bakasur's huge brother Shatrudaman Alayudha killed, the Panchalas and the Pandavas began to roar.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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