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श्लोक 7.178.3  |
स कर्णं त्वं समुत्सृज्य राक्षसेन्द्रमलायुधम्।
जहि क्षिप्रं महाबाहो पश्चात् कर्णं वधिष्यसि॥ ३॥ |
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| अनुवाद |
| महाबाहो! अत: कर्ण को छोड़कर पहले दैत्यराज अलायुध को शीघ्र मार डालो। फिर कर्ण को मार डालो.'॥ 3॥ |
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| ‘Mahabaho! Therefore, leaving Karna aside, first kill the demon king Alayudha quickly. Then kill Karna.’॥ 3॥ |
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