श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 178: दोनों सेनाओंमें परस्पर घोर युद्ध और घटोत्कचके द्वारा अलायुधका वध एवं दुर्योधनका पश्चात्ताप  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.178.1 
संजय उवाच
संदृश्य समरे भीमं रक्षसा ग्रस्तमन्तिकात्।
वासुदेवोऽब्रवीद् राजन् घटोत्कचमिदं वच:॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं- राजन! युद्धस्थल में राक्षस के चंगुल में फँसे हुए भीमसेन को निकट से देखकर भगवान श्रीकृष्ण ने घटोत्कच से यह कहा-॥1॥
 
Sanjay says- Rajan! After closely seeing Bhimsen trapped in the clutches of the demon in the battlefield, Lord Krishna said this to Ghatotkacha -॥ 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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