श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 175: घटोत्कच और उसके रथ आदिके स्वरूपका वर्णन तथा कर्ण और घटोत्कचका घोर संग्राम  »  श्लोक 39-40h
 
 
श्लोक  7.175.39-40h 
आयसानि च चक्राणि भुशुण्डॺ: शक्तितोमरा:॥ ३९॥
पतन्त्यविरला: शूला: शतघ्न्य: पट्टिशास्तथा।
 
 
अनुवाद
लौहचक्र, भुशुण्डि, शक्ति, तोमर, शूल, शतघ्नी और पट्टिश आदि अस्त्र-शस्त्रों की निरन्तर धाराएँ गिर रही थीं ॥39 1/2॥
 
Continuous streams of weapons like iron disc, Bhusundi, Shakti, Tomar, Shool, Shataghni and Pattish etc. were falling. 39 1/2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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