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श्लोक 7.175.111  |
उद्यतैर्बहुभिर्घोरैरायुधै: शोणितोक्षितै:।
तेषामनेकैरेकैकं कर्णो विव्याध सायकै:॥ १११॥ |
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| अनुवाद |
| कर्ण ने अपने अनेक भयंकर अस्त्रों तथा रक्त से सने बाणों से उन सभी को घायल कर दिया। |
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| Karna pierced each of them with his many fearsome weapons and arrows stained with blood. |
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