| श्री महाभारत » पर्व 7: द्रोण पर्व » अध्याय 170: धृष्टद्युम्न और द्रोणाचार्यका युद्ध, धृष्टद्युम्नद्वारा द्रुमसेनका वध, सात्यकि और कर्णका युद्ध, कर्णकी दुर्योधनको सलाह तथा शकुनिका पाण्डव-सेनापर आक्रमण » श्लोक 64 |
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| | | | श्लोक 7.170.64  | जहि कृष्णौ महाबाहो धर्मराजं च मातुल।
नकुलं सहदेवं च भीमसेनं तथैव च॥ ६४॥ | | | | | | अनुवाद | | मेरे महाबाहु चाचा! तुम श्रीकृष्ण, अर्जुन, धर्मराज युधिष्ठिर, नकुल, सहदेव तथा भीमसेन को भी मार डालो॥ 64॥ | | | | My mighty-armed uncle! You kill Shri Krishna, Arjun, Dharmaraja Yudhishthira, Nakula, Sahadeva and Bhimasena as well.॥ 64॥ | | ✨ ai-generated | | |
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