vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 170: धृष्टद्युम्न और द्रोणाचार्यका युद्ध, धृष्टद्युम्नद्वारा द्रुमसेनका वध, सात्यकि और कर्णका युद्ध, कर्णकी दुर्योधनको सलाह तथा शकुनिका पाण्डव-सेनापर आक्रमण
»
श्लोक 63
श्लोक
7.170.63
दु:शासनो दुर्विषह: सुबाहुर्दुष्प्रधर्षण:।
एते त्वामनुयास्यन्ति पत्तिभिर्बहुभिर्वृता:॥ ६३॥
अनुवाद
दुःशासन, दुर्विषाह, सुबाहु और दुष्प्रदर्शन- ये (महारथी) बड़ी संख्या में पैदल सेना के साथ आपके पीछे चलेंगे।
Dushasana, Durvishah, Subahu and Dushpradharshan - these (maharathi) will follow you along with a large number of infantry.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd