vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 170: धृष्टद्युम्न और द्रोणाचार्यका युद्ध, धृष्टद्युम्नद्वारा द्रुमसेनका वध, सात्यकि और कर्णका युद्ध, कर्णकी दुर्योधनको सलाह तथा शकुनिका पाण्डव-सेनापर आक्रमण
»
श्लोक 22
श्लोक
7.170.22
भल्लेनान्येन तु पुन: सुवर्णोज्ज्वलकुण्डलम्।
निचकर्त शिर: कायाद् द्रुमसेनस्य वीर्यवान्॥ २२॥
अनुवाद
तदनन्तर उस महाबली योद्धा दूसरे भल्लद्वार ने द्रुम्सेन का सुवर्ण के चमकते हुए कुण्डलों से सुशोभित सिर काट डाला॥22॥
Then the second Bhalladwara, that mighty warrior, cut off the head decorated with the shining earrings made of gold of Drumasena. 22॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd