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श्री महाभारत
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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 168:
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श्लोक 43
श्लोक
7.168.43
क्षुरप्रेण धनुस्तस्य चिच्छेद तनयस्तव।
अथैनं दशभिर्बाणैश्छिन्नधन्वानमार्दयत्॥ ४३॥
अनुवाद
तब आपके पुत्र ने प्रतिविन्ध्य के धनुष को छुरे से काट डाला और धनुष कट जाने पर उस पर दस बाणों से गहरे घाव कर दिये।
Then your son cut off Prativindhya's bow with a razor and after the bow was cut, he inflicted deep wounds on him with ten arrows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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