वहाँ द्रोणाचार्य अपने शत्रुओं के साथ घोर युद्ध कर रहे थे। सभी लोग घोर अंधकार में डूबे हुए थे और एक-दूसरे पर घातक अस्त्रों से प्रहार कर रहे थे।
There Dronacharya fought a huge battle with his enemies. Everyone was immersed in the pitch darkness and was attacking each other with deadly weapons.
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि घटोत्कचवधपर्वणि रात्रियुद्धे दुर्योधनापयाने षट्षष्टॺधिकशततमोऽध्याय:॥ १६६॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत घटोत्कचवधपर्वमें रात्रियुद्धके प्रसंगमें दुर्योधनका पलायनविषयक एक सौ छाछठवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १६६॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥