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श्री महाभारत
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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 166: सात्यकिके द्वारा भूरिका वध, घटोत्कच और अश्वत्थामाका घोर युद्ध तथा भीमके साथ दुर्योधनका युद्ध एवं दुर्योधनका पलायन
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श्लोक 63
श्लोक
7.166.63
पञ्चाला: केकया मत्स्या: सृञ्जयाश्च विशाम्पते।
सर्वोद्योगेनाभिजग्मुर्द्रोणमेव युयुत्सया॥ ६३॥
अनुवाद
प्रजानाथ! तब पांचाल, मत्स्य, केकय और संजय योद्धाओं ने युद्ध की इच्छा से द्रोणाचार्य पर आक्रमण किया। 63.
Prajanath! Then the Panchala, Matsya, Kekaya and Sanjaya warriors, with full desire for war, attacked Dronacharya. 63.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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