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mahabharat 7.166.58-59h: राजेन्द्र! उस समय भीमसेन से भयभीत होकर आपका पुत्र भागकर महामना नन्दक के रथ पर बैठ गया था।   |   mahabharat अध्याय 7.166: सात्यकिके द्वारा भूरिका वध, घटोत्कच और अश्वत्थामाका घोर युद्ध तथा भीमके साथ दुर्योधनका युद्ध एवं दुर्योधनका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 166: सात्यकिके द्वारा भूरिका वध, घटोत्कच और अश्वत्थामाका घोर युद्ध तथा भीमके साथ दुर्योधनका युद्ध एवं दुर्योधनका पलायन  »  श्लोक 58-59h
 
 
श्लोक  7.166.58-59h 
पुत्रस्तु तव राजेन्द्र भीमाद् भीत: प्रणश्य च॥ ५८॥
आरुरोह रथं चान्यं नन्दकस्य महात्मन:।
 
 
अनुवाद
राजेन्द्र! उस समय भीमसेन से भयभीत होकर आपका पुत्र भागकर महामना नन्दक के रथ पर बैठ गया था।
 
Rajendra! At that time your son, frightened by Bhimasena, had already fled and sat on the chariot of Mahamana Nandak. 58 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)