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mahabharat 7.166.50-51h: तब पराक्रमी भीमसेन ने दूसरा धनुष हाथ में लेकर तुरन्त ही सात तीखे बाणों से कौरवराज को घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.166: सात्यकिके द्वारा भूरिका वध, घटोत्कच और अश्वत्थामाका घोर युद्ध तथा भीमके साथ दुर्योधनका युद्ध एवं दुर्योधनका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 166: सात्यकिके द्वारा भूरिका वध, घटोत्कच और अश्वत्थामाका घोर युद्ध तथा भीमके साथ दुर्योधनका युद्ध एवं दुर्योधनका पलायन  »  श्लोक 50-51h
 
 
श्लोक  7.166.50-51h 
अथान्यद् धनुरादाय भीमसेनो महाबल:॥ ५०॥
विव्याध नृपतिं तूर्णं सप्तभिर्निशितै: शरै:।
 
 
अनुवाद
तब पराक्रमी भीमसेन ने दूसरा धनुष हाथ में लेकर तुरन्त ही सात तीखे बाणों से कौरवराज को घायल कर दिया।
 
Then the mighty Bhimasena took another bow in his hand and instantly pierced the Kaurava King with seven sharp arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)