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श्री महाभारत
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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 166: सात्यकिके द्वारा भूरिका वध, घटोत्कच और अश्वत्थामाका घोर युद्ध तथा भीमके साथ दुर्योधनका युद्ध एवं दुर्योधनका पलायन
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श्लोक 5
श्लोक
7.166.5
तयोरासीन्महाराज शस्त्रवृष्टि: सुदारुणा।
क्रुद्धयो: सायकमुचोर्यमान्तकनिकाशयो:॥ ५॥
अनुवाद
राजेन्द्र! उन दोनों पर अस्त्र-शस्त्रों की भयंकर वर्षा हो रही थी। वे यम और अन्तक के समान क्रोध से एक-दूसरे पर बाण चला रहे थे।
Rajendra! There was a fierce shower of weapons on both of them. They were as furious as Yama and Antaka and were shooting arrows at each other.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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