vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 166: सात्यकिके द्वारा भूरिका वध, घटोत्कच और अश्वत्थामाका घोर युद्ध तथा भीमके साथ दुर्योधनका युद्ध एवं दुर्योधनका पलायन
»
श्लोक 48-49h
श्लोक
7.166.48-49h
तान् निहत्य शरान् भीमो दुर्योधनधनुश्च्युतान्॥ ४८॥
कौरवं पञ्चविंशत्या क्षुद्रकाणां समार्पयत्।
अनुवाद
दुर्योधन के धनुष से छूटे हुए सभी बाणों को नष्ट करने के बाद भीमसेन ने कौरव राजा पर पच्चीस बाण छोड़े।
After destroying all the arrows shot from Duryodhana's bow, Bhimasena shot twenty-five arrows at the Kaurava king. 48 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×