Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.166.43: माननीय महाराज! तब भीमसेन ने भी दुर्योधन को दस बाणों से घायल कर दिया। फिर दुर्योधन ने भी उन्हें बीस बाण मारे।   |   mahabharat अध्याय 7.166: सात्यकिके द्वारा भूरिका वध, घटोत्कच और अश्वत्थामाका घोर युद्ध तथा भीमके साथ दुर्योधनका युद्ध एवं दुर्योधनका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 166: सात्यकिके द्वारा भूरिका वध, घटोत्कच और अश्वत्थामाका घोर युद्ध तथा भीमके साथ दुर्योधनका युद्ध एवं दुर्योधनका पलायन  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  7.166.43 
तं भीमसेनो दशभि: शरैर्विव्याध मारिष।
दुर्योधनोऽपि विंशत्या शराणां प्रत्यविध्यत॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
माननीय महाराज! तब भीमसेन ने भी दुर्योधन को दस बाणों से घायल कर दिया। फिर दुर्योधन ने भी उन्हें बीस बाण मारे।
 
Honorable King! Then Bhimasena also injured Duryodhan with ten arrows. Then Duryodhan also shot him with twenty arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)