श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 166: सात्यकिके द्वारा भूरिका वध, घटोत्कच और अश्वत्थामाका घोर युद्ध तथा भीमके साथ दुर्योधनका युद्ध एवं दुर्योधनका पलायन  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  7.166.42 
भीमसेनं तु युध्यन्तं भारद्वाजरथं प्रति।
स्वयं दुर्योधनो राजा प्रत्यविध्यच्छितै: शरै:॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
राजा दुर्योधन ने स्वयं युद्धप्रिय भीमसेन को तीखे बाणों से घायल कर दिया, जब वे द्रोणाचार्य के रथ की ओर आ रहे थे।
 
King Duryodhana himself pierced the war-loving Bhimasena with sharp arrows as he came towards Dronacharya's chariot.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)