श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 166: सात्यकिके द्वारा भूरिका वध, घटोत्कच और अश्वत्थामाका घोर युद्ध तथा भीमके साथ दुर्योधनका युद्ध एवं दुर्योधनका पलायन  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  7.166.15 
तमापतन्तं संरब्धं शैनेयस्य रथं प्रति।
घटोत्कचोऽब्र्रवीद् राजन् नादं मुक्त्वा महारथ:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
क्रोधित अश्वत्थामा को सात्यकि के रथ पर आक्रमण करते देख महारथी घटोत्कच ने गर्जना करके कहा: ॥15॥
 
Seeing the enraged Ashwatthama attacking Satyaki's chariot, the great charioteer Ghatotkacha roared and said: ॥15॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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