श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 164: दोनों सेनाओंका घमासान युद्ध और दुर्योधनका द्रोणाचार्यकी रक्षाके लिये सैनिकोंको आदेश  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  7.164.33 
अर्जुन: कौरवं सैन्यमर्जुनं चापि कौरवा:।
नानाशस्त्रसमावायैरन्योन्यं समपीडयन्॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
कौरव सैनिक अर्जुन पर नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों की वर्षा करके एक दूसरे को कष्ट देने लगे और कौरव सैनिक अर्जुन पर नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों की वर्षा करके एक दूसरे को कष्ट देने लगे।
 
The Kaurava soldiers began tormenting each other by showering various kinds of weapons on Arjuna, and the Kaurava soldiers began tormenting each other by showering various kinds of weapons on Arjuna. 33.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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