श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 164: दोनों सेनाओंका घमासान युद्ध और दुर्योधनका द्रोणाचार्यकी रक्षाके लिये सैनिकोंको आदेश  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  7.164.26 
पाण्डवीयेषु सैन्येषु न तं पश्याम कञ्चन।
यो योधयेद् रणे द्रोणं धृष्टद्युम्नादृते नृप:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
हम पाण्डव सेना में धृष्टद्युम्न को छोड़कर कोई ऐसा वीर राजा नहीं देखते जो युद्धभूमि में द्रोणाचार्य के साथ युद्ध कर सके॥ 26॥
 
We do not see any brave king in the Pandava army except Dhrishtadyumna who can fight with Dronacharya in the battlefield.॥ 26॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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