श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 160: अश्वत्थामाका दुर्योधनको उपालम्भपूर्ण आश्वासन देकर पांचालोंके साथ युद्ध करते हुए धृष्टद्युम्नके रथसहित सारथिको नष्ट करके उसकी सेनाको भगाकर अद्भुत पराक्रम दिखाना  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  7.160.19-20h 
ततोऽब्र्रवीत् सकैकेयान् पञ्चालान् गौतमीसुत:।
प्रहरध्वमित: सर्वे मम गात्रे महारथा:॥ १९॥
स्थिरीभूताश्च युद्‍ध्यध्वं दर्शयन्तोऽस्त्रलाघवम्।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् गौतमीपुत्र अश्वत्थामा ने केकयों सहित पांचालों से कहा - 'महारथी! अब तुम सब लोग एक साथ मुझ पर आक्रमण करो और अपने अस्त्र-शस्त्र चलाने में अपनी चपलता दिखाते हुए धैर्यपूर्वक युद्ध करो।'॥19 1/2॥
 
Thereafter Gautami's son Ashwatthama said to the Panchalas along with the Kekayas - 'Maharathi! Now all of you attack me together and fight with composure, showing your agility in handling your weapons.'॥19 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)