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mahabharat 7.16.39: राजन! नियम-कायदों का पालन करने वाले द्रोणाचार्य युधिष्ठिर के बहुत निकट आ पहुँचे। तब उनकी सेना के सैनिकों में बड़ा कोलाहल मच गया। सब लोग कहने लगे, 'हाय! राजा मारा गया।' 39.   |   mahabharat अध्याय 7.16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.16.39 
ततोऽभवन्महाशब्दो राजन् यौधिष्ठिरे बले।
हतो राजेति योधानां समीपस्थे यतव्रते॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
राजन! नियम-कायदों का पालन करने वाले द्रोणाचार्य युधिष्ठिर के बहुत निकट आ पहुँचे। तब उनकी सेना के सैनिकों में बड़ा कोलाहल मच गया। सब लोग कहने लगे, 'हाय! राजा मारा गया।' 39.
 
King! Dronacharya, who followed the rules and regulations, came very close to Yudhishthira. Then there was a great uproar among the soldiers of his army. Everyone started saying, 'Alas, the king has been killed'. 39.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)