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mahabharat 7.16.25: परंतु योद्धाओं में श्रेष्ठ द्रोणाचार्य ने चक्ररक्षक कुमार को, जिसने वीरता, आर्यव्रती और मन्त्र-विद्या का अभ्यास किया था, पराजित कर दिया ॥25॥   |   mahabharat अध्याय 7.16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  7.16.25 
तं शूरमार्यव्रतिनं मन्त्रास्त्रेषु कृतश्रमम्।
चक्ररक्षं परामृद्नात् कुमारं द्विजपुङ्गव:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
परंतु योद्धाओं में श्रेष्ठ द्रोणाचार्य ने चक्ररक्षक कुमार को, जिसने वीरता, आर्यव्रती और मन्त्र-विद्या का अभ्यास किया था, पराजित कर दिया ॥25॥
 
But Dronacharya, the best among the warriors, defeated Kumar, the protector of the chakras, who had practiced bravery, aryavrati and mantra-vidya. 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)