Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.16.15: भीम, कर्ण, कृपाचार्य, द्रोण, अश्वत्थामा, धृष्टद्युम्न और सात्यकि जैसे वीर योद्धाओं की उपस्थिति से वह युद्धस्थल ऐसा सुन्दर प्रतीत हो रहा था मानो प्रलयकाल का सूर्य वहाँ उदय हुआ हो। | mahabharat अध्याय 7.16: वृषसेनका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका तुमुल युद्ध, द्रोणाचार्यके द्वारा पाण्डवपक्षके अनेक वीरोंका वध तथा अर्जुनकी विजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीमकर्णकृपद्रोणद्रौणिपार्षतसात्यकै:।
बभासे स रणोद्देश: कालसूर्य इवोदित:॥ १५॥
अनुवाद
भीम, कर्ण, कृपाचार्य, द्रोण, अश्वत्थामा, धृष्टद्युम्न और सात्यकि जैसे वीर योद्धाओं की उपस्थिति से वह युद्धस्थल ऐसा सुन्दर प्रतीत हो रहा था मानो प्रलयकाल का सूर्य वहाँ उदय हुआ हो।
With the presence of such brave warriors like Bhima, Karna, Krupacharya, Drona, Ashwatthama, Dhrishtadyumna and Satyaki, that battle-field looked as beautiful as if the sun had risen there at the time of doomsday.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥