श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 159: अश्वत्थामाका कर्णको मारनेके लिये उद्यत होना, दुर्योधनका उसे मनाना, पाण्डवों और पाञ्चालोंका कर्णपर आक्रमण, कर्णका पराक्रम, अर्जुनके द्वारा कर्णकी पराजय तथा दुर्योधनका अश्वत्थामासे पांचालोंके वधके लिये अनुरोध  »  श्लोक 96
 
 
श्लोक  7.159.96 
एवं सिद्धाऽब्रुवन् वाचो भविष्यति च तत् तथा।
तस्मात्त्वं पुरुषव्याघ्र पञ्चालाञ्जहि सानुगान्॥ ९६॥
 
 
अनुवाद
पुरुषसिंह! सिद्ध पुरुषों ने तुम्हारे विषय में ऐसी बातें कही हैं। वे उसी रूप में सत्य होंगी। अतः तुम पांचालों को उनके सेवकों सहित मार डालो॥96॥
 
Purushsingh! The Siddha Purushas have said such things about you. They will be true in that form. Therefore, you should kill the Panchalas along with their servants.॥96॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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