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mahabharat 7.157.45: यह देखकर किरीटधारी अर्जुन और भीमसेन अचानक उस दिशा में लौट आये और विशाल रथियों द्वारा उनकी सेना को रोक दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.157: सोमदत्तकी मूर्च्छा, भीमके द्वारा बाह्लीकका वध, धृतराष्ट्रके दस पुत्रों और शकुनिके सात रथियों एवं पाँच भाइयोंका संहार तथा द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरके युद्धमें युधिष्ठिरकी विजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 157: सोमदत्तकी मूर्च्छा, भीमके द्वारा बाह्लीकका वध, धृतराष्ट्रके दस पुत्रों और शकुनिके सात रथियों एवं पाँच भाइयोंका संहार तथा द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरके युद्धमें युधिष्ठिरकी विजय  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  7.157.45 
तत: किरीटी भीमश्च सहसा संन्यवर्तताम्।
महद्भॺां रथवंशाभ्यां परिगृह्य बलं तदा॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
यह देखकर किरीटधारी अर्जुन और भीमसेन अचानक उस दिशा में लौट आये और विशाल रथियों द्वारा उनकी सेना को रोक दिया।
 
Seeing this, the crown-wearing Arjuna and Bhimasena suddenly turned back in that direction, blocking their forces with huge chariot armies.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)