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mahabharat 7.157.21-22h: तत्पश्चात् कर्ण का प्रसिद्ध एवं शक्तिशाली भाई वृकरथ आया और उसने भीमसेन पर भी आक्रमण कर दिया तथा उसे भी बाणों से घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.157: सोमदत्तकी मूर्च्छा, भीमके द्वारा बाह्लीकका वध, धृतराष्ट्रके दस पुत्रों और शकुनिके सात रथियों एवं पाँच भाइयोंका संहार तथा द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरके युद्धमें युधिष्ठिरकी विजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 157: सोमदत्तकी मूर्च्छा, भीमके द्वारा बाह्लीकका वध, धृतराष्ट्रके दस पुत्रों और शकुनिके सात रथियों एवं पाँच भाइयोंका संहार तथा द्रोणाचार्य और युधिष्ठिरके युद्धमें युधिष्ठिरकी विजय  »  श्लोक 21-22h
 
 
श्लोक  7.157.21-22h 
ततो वृकरथो नाम भ्राता कर्णस्य विश्रुत:॥ २१॥
जघान भीमं नाराचैस्तमप्यभ्यद्रवद् बली।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् कर्ण का प्रसिद्ध एवं शक्तिशाली भाई वृकरथ आया और उसने भीमसेन पर भी आक्रमण कर दिया तथा उसे भी बाणों से घायल कर दिया।
 
Thereafter Vrikarath, the famous and powerful brother of Karna came and attacked Bhimasena also and wounded him with arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)