Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.156.88-89h: इसके बाद वह नीचे उतरकर अपने सुवर्ण-जटित रथ पर सवार होकर अश्वत्थामा के सामने खड़ा हो गया। उस समय वह महातेजस्वी राक्षस पृथ्वी पर खड़े हुए अत्यंत भयंकर कजलगिरि के समान दिखाई दे रहा था। | mahabharat अध्याय 7.156: सोमदत्त और सात्यकिका युद्ध, सोमदत्तकी पराजय, घटोत्कच और अश्वत्थामाका युद्ध और अश्वत्थामाद्वारा घटोत्कचके पुत्रका, एक अक्षौहिणी राक्षस-सेनाका तथा द्रुपदपुत्रोंका वध एवं पाण्डव-सेनाकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसके बाद वह नीचे उतरकर अपने सुवर्ण-जटित रथ पर सवार होकर अश्वत्थामा के सामने खड़ा हो गया। उस समय वह महातेजस्वी राक्षस पृथ्वी पर खड़े हुए अत्यंत भयंकर कजलगिरि के समान दिखाई दे रहा था।
After this he came down and stood in front of Ashwatthama on his gold-decorated chariot. At that time that illustrious demon looked like a very fearsome Kajalgiri standing on the earth. 88 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥