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mahabharat 7.156.49-50h: हे भरतश्रेष्ठ! उनके वचन सुनकर उनके सारथी विशोकन ने सत्य की शपथ लेने वाले अर्जुन के पीछे अपने घोड़े दौड़ा दिए॥49 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.156: सोमदत्त और सात्यकिका युद्ध, सोमदत्तकी पराजय, घटोत्कच और अश्वत्थामाका युद्ध और अश्वत्थामाद्वारा घटोत्कचके पुत्रका, एक अक्षौहिणी राक्षस-सेनाका तथा द्रुपदपुत्रोंका वध एवं पाण्डव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 156: सोमदत्त और सात्यकिका युद्ध, सोमदत्तकी पराजय, घटोत्कच और अश्वत्थामाका युद्ध और अश्वत्थामाद्वारा घटोत्कचके पुत्रका, एक अक्षौहिणी राक्षस-सेनाका तथा द्रुपदपुत्रोंका वध एवं पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 49-50h
 
 
श्लोक  7.156.49-50h 
सोऽपि तस्य वच: श्रुत्वा विशोकोऽवाहयद्धयान्॥ ४९॥
पृष्ठत: सत्यसंधस्य जिष्णोर्भरतसत्तम।
 
 
अनुवाद
हे भरतश्रेष्ठ! उनके वचन सुनकर उनके सारथी विशोकन ने सत्य की शपथ लेने वाले अर्जुन के पीछे अपने घोड़े दौड़ा दिए॥49 1/2॥
 
Bharatshrestha! His charioteer Vishokane, hearing his words, led his horses behind Arjuna, who had sworn in truth. 49 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)