Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.156.31-32h: द्रोणाचार्य को आते देख यदुकुलतिलक महामना सात्यकि की रक्षा के लिए युधिष्ठिर और पांडवों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया। 31 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.156: सोमदत्त और सात्यकिका युद्ध, सोमदत्तकी पराजय, घटोत्कच और अश्वत्थामाका युद्ध और अश्वत्थामाद्वारा घटोत्कचके पुत्रका, एक अक्षौहिणी राक्षस-सेनाका तथा द्रुपदपुत्रोंका वध एवं पाण्डव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 156: सोमदत्त और सात्यकिका युद्ध, सोमदत्तकी पराजय, घटोत्कच और अश्वत्थामाका युद्ध और अश्वत्थामाद्वारा घटोत्कचके पुत्रका, एक अक्षौहिणी राक्षस-सेनाका तथा द्रुपदपुत्रोंका वध एवं पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 31-32h
 
 
श्लोक  7.156.31-32h 
तमायान्तमभिप्रेक्ष्य युधिष्ठिरपुरोगमा:॥ ३१॥
परिवव्रुर्महात्मानं परीप्सन्तो यदूत्तमम्।
 
 
अनुवाद
द्रोणाचार्य को आते देख यदुकुलतिलक महामना सात्यकि की रक्षा के लिए युधिष्ठिर और पांडवों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया। 31 1/2॥
 
Seeing Dronacharya coming, Yudhishthir and Pandavas surrounded him from all sides to protect Yadukulatilaka Mahamana Satyaki. 31 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)