Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.156.20-21h: यदि तुम उपर्युक्त वचन कहकर भी युद्ध से भाग जाओगे, तभी तुम मेरे हाथ से बच सकोगे। एक दूसरे से ऐसा कहकर वे दोनों महारथी क्रोध से लाल-लाल नेत्रों वाले होकर एक दूसरे पर बाणों की वर्षा करने लगे। | mahabharat अध्याय 7.156: सोमदत्त और सात्यकिका युद्ध, सोमदत्तकी पराजय, घटोत्कच और अश्वत्थामाका युद्ध और अश्वत्थामाद्वारा घटोत्कचके पुत्रका, एक अक्षौहिणी राक्षस-सेनाका तथा द्रुपदपुत्रोंका वध एवं पाण्डव-सेनाकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि तुम उपर्युक्त वचन कहकर भी युद्ध से भाग जाओगे, तभी तुम मेरे हाथ से बच सकोगे। एक दूसरे से ऐसा कहकर वे दोनों महारथी क्रोध से लाल-लाल नेत्रों वाले होकर एक दूसरे पर बाणों की वर्षा करने लगे।
"If you say the above words and still run away from the battle, only then will you be able to escape from my hands." Having said this to each other, both those great warriors, their eyes turning red with anger, began showering arrows on each other.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥